76 छात्राओं ने भाषण प्रतियोगिता में भाग लेकर दोनों साहित्यकारों के आदर्शों को किया याद
फिरोजाबाद। दाऊ दयाल महिला महाविद्यालय के हिंदी विभाग ने साहित्य जगत के दो महान रचनाकारों— महाकवि गोस्वामी तुलसीदास और उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती धूमधाम से मनाई। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदा की वंदना से हुआ। इस अवसर पर हिंदी विभाग की अध्यक्षा डॉ. छाया बाजपेई के संयोजन में एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें 76 छात्राओं ने हिस्सा लिया। सभी छात्राओं ने अपने-अपने विचारों के माध्यम से तुलसीदास और मुंशी प्रेमचंद के साहित्य से लोगों को परिचित कराने का सराहनीय प्रयास किया। छात्राओं ने बताया कि दोनों साहित्यकारों का लक्ष्य एक आदर्श समाज की स्थापना करना था और उनके नायक समाज के भीतर से उभरते हैं।
डॉ. छाया बाजपेई ने अपने संबोधन में कहा, “तुलसी और प्रेमचंद का साहित्य जन-जन का साहित्य है। यह आज की युवा पीढ़ी को साहस देता है, दुखी मनुष्य को जीने की राह दिखाता है, और एक श्रेष्ठ समाज के प्रबंधन के आदर्श दोनों के साहित्य में मिलते हैं।”
इस साहित्यिक आयोजन में महाविद्यालय के कई वरिष्ठ प्राध्यापक और शिक्षक उपस्थित रहे। इनमें अर्थशास्त्र विभाग की अध्यक्षा प्रो. प्रीति अग्रवाल, कला विभाग की अध्यक्षा प्रो. विनीता यादव, शिक्षा विभाग की अध्यक्षा प्रो. विनीत गुप्ता, मनोविज्ञान की अध्यक्षा प्रो. रंजना राजपूत सहित डॉ. इंदिरा गुप्ता, श्रीमती शालिनी मिश्रा, डॉ. सरिता रानी, डॉ. शिप्रा सिंह, डॉ. शारदा सिंह, डॉ. प्रिया सिंह, डॉ. पूजा सिंह, श्रीमती संध्या चतुर्वेदी, डॉ. शालिनी सिंह, डॉ. नम्रता निश्चल त्रिपाठी, डॉ. माधवी सिंह और डॉ. गरिमा सिंह शामिल थीं। समस्त महाविद्यालय परिवार ने इस कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
