– 15 साल बाद मुनि आगमन से उमड़ा जनसैलाब
– जैन एवं अन्य सर्व समाज ने लोगों ने किया स्वागत
समय भास्कर संवाददाता,एका। मंगलवार सुबह करीब 7 बजे नगर में आचार्य मरसलगंज गौरव पूज्य श्री सौभाग्य सागर जी महाराज के परम शिष्य पूज्य 108 आचार्य श्री सुरत्न सागर जी महाराज वशम्भू सागर महाराज का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। लगभग 15 वर्षों बाद मुनि आगमन से पूरे नगर का माहौल भक्तिमय हो गया।
मंगल प्रवेश के दौरान गाजे-बाजे के साथ जैन समाज व अजैन समाज के श्रद्धालुओं ने जल से पाद प्रक्षालन कर आरती उतारी और आशीर्वाद लिया। मार्ग में कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
आचार्य श्री मेन बाजार,वार्ष्णेय गली व रामलीला ग्राउंड होते हुए प्राचीन श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर पहुंचे। जहां तीर्थंकर प्रतिमाओं का अभिषेक व उपाध्याय द्वारा मंत्रोच्चार से शुद्धि की गई। बाद में खेड़ा मोहल्ला, महर्षि परशुराम इंटर कॉलेज चौराहा व नगला धारा होते हुए उड़ेसर स्थित दिगंबर जैन मंदिर पहुंचकर आहार हुआ। जिसके बाद गांव फफोतू के लिए विहार किया।आचार्य द्वय 8 मई को पाढ़म में मानस्तंभ का शिलान्यास करेंगे।
इस दौरान सुनील कुमार जैन,वेद प्रकाश मिश्रा, याकेद्र जैन, विजेंद्र कुलश्रेष्ठ, हिप्पी वार्ष्णेय, उमेश भारती, संगम राघव, अमरदीप चौहान,आर्यन जैन, मानवेन्द्र बघेल,राजू मिश्रा, हरिओम दीक्षित, अभिषेक चतुर्वेदी,बंटी तिवारी, सुंदर पाल बघेल (प्रधान), हरिशंकर दीक्षित, शीलू सविता, लक्ष्मीकांत, चंद्रकांत दीक्षित, विनय वार्ष्णेय, अनिल जैन, नितिन कुमार जैन, अक्षत जैन सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। मंगल विहार के दौरान कड़ी सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात रही।
