बैठक से अनुपस्थित चिकित्सा अधिकारियों का वेतन कटेगा, 70+ आयुष्मान कार्ड में लापरवाही पर चार्ज शीट
फिरोजाबाद। जिलाधिकारी रमेश रंजन ने ज़िला स्वास्थ्य समिति की बैठक में ज़िले में डेंगू का एक भी मामला न मिलने के सख़्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि पिछले वर्ष जिन क्षेत्रों में डेंगू के मरीज़ पाए गए थे, वहाँ विशेष निगरानी रखी जाए और सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने साफ़ शब्दों में कहा कि कोई भी चिकित्सक अपनी CHC (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और PHC (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) से अनुपस्थित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर औचक निरीक्षण में कोई भी डॉक्टर अनुपस्थित पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आयुष्मान कार्ड और सिजेरियन प्रसव पर समीक्षा
बैठक में 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराज़गी जताई। इस मामले में एका, अरांव और जसराना के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों का प्रदर्शन सबसे ख़राब पाया गया, जिसके बाद जिलाधिकारी ने उन्हें चार्ज शीट जारी करने और पद से हटाने के निर्देश दिए। वहीं, नारखी और शिकोहाबाद के प्रभारी चिकित्सकों की प्रगति को सराहा गया। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि प्रगति में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों के निलंबन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने सभी डॉक्टरों को निर्देश दिया कि ओपीडी में आने वाले 70+ मरीज़ों को चिह्नित कर उनके आयुष्मान कार्ड तुरंत बनाए जाएँ।
इसके अलावा, जिलाधिकारी को सूचित किया गया कि ज़िले में 5 फर्स्ट रेफरल यूनिट (FRU) संचालित हैं, जहाँ सिजेरियन प्रसव की सुविधा उपलब्ध है। इनमें शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, जसराना, सिरसागंज और टूंडला के केंद्र शामिल हैं। बताया गया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 12 अधिक सिजेरियन प्रसव हुए हैं।
अनुपस्थित अधिकारियों पर कार्रवाई
बैठक के अंत में, जिलाधिकारी ने इस महत्वपूर्ण बैठक से अनुपस्थित रहने वाले सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों का वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी CHC में आयुष्मान कक्ष बनाने के भी निर्देश दिए, जहाँ मरीज़ों के बैठने, पीने के पानी, और मेज़-कुर्सी की बेहतर व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर व्यवस्थित मीटिंग हॉल भी बनाए जाएँ, ताकि मरीज़ों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके। यह सभी व्यवस्थाएँ 15 अगस्त तक पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
