पटना। राजधानी पटना के गांधी मैदान थाना क्षेत्र में शनिवार को चर्चित व्यवसायी गोपाल खेमका की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड ने छह साल पहले 2018 में बेटे गुंजन खेमका की हत्या की यादें ताजा कर दीं। चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों हत्याएं लगभग एक जैसे पैटर्न पर की गईं, जिससे पुलिस के लिए यह मामला अब एक
2018 में बेटे की फैक्ट्री के बाहर हुई थी हत्या
20 दिसंबर 2018 को हाजीपुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित फैक्ट्री के गेट पर गुंजन खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह अपनी कार में बैठे थे, तभी एक हेलमेटधारी शूटर ने कार की खिड़की के बाहर से तीन गोलियां चलाईं। दो गोली गुंजन को लगीं और एक उनके चालक को। गुंजन की मौके पर ही मौत हो गई थी। चश्मदीदों के अनुसार, शूटर 35 से 40 वर्ष का था।
गोपाल खेमका की हत्या भी हूबहू उसी अंदाज़ में
6 साल बाद, गोपाल खेमका पर भी उसी अंदाज़ में हमला हुआ। वह अपने आवास के गेट के सामने कार में बैठे थे, जब एक अकेले शूटर ने नजदीक से उनके सिर में एक गोली मारी। घटना स्थल से एक खोखा और एक जिंदा गोली बरामद हुई। प्रत्यक्षदर्शी गार्ड ने गोली चलने की आवाज सुनने की पुष्टि की है।
पुलिस को फुटेज में दिखा संदिग्ध
घटना के बाद पुलिस को घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से एक संदिग्ध युवक का फुटेज मिला है, जिसकी उम्र 30 वर्ष से अधिक आंकी गई है। पुलिस को शक है कि यह युवक ही शूटर हो सकता है। उसकी गिरफ्तारी के बाद मास्टरमाइंड के चेहरे से पर्दा उठने की उम्मीद जताई जा रही है।
बड़ी साजिश की ओर इशारा
इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब यह तथ्य सामने आया कि गोपाल खेमका के बड़े भाई विजय खेमका पर भी 1999 में जानलेवा हमला हो चुका है। तब अपराधियों ने पीएमसीएच के पास उनकी औषधि दुकान में घुसकर तीन गोलियां चलाई थीं और बम भी फोड़ा था। वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
