वॉशिंगटन/नई दिल्ली।ट्रेड डील की चर्चाओं के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को एक बड़ा आर्थिक झटका देते हुए 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने यह घोषणा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर की, जिसमें उन्होंने भारत को “दोस्त” तो बताया, लेकिन रूस से सैन्य उपकरण और कच्चा तेल खरीदने को लेकर नाराजगी भी जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके चलते भारत को न केवल 25% टैरिफ का सामना करना होगा, बल्कि एक अतिरिक्त पेनाल्टी भी देनी होगी — हालांकि इसका विवरण अभी सामने नहीं आया है।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर प्रभाव
भारत और अमेरिका के बीच वित्त वर्ष 2022 से 2024 तक मजबूत व्यापारिक संबंध रहे हैं। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है, जिसमें भारत के कुल निर्यात में 18% और द्विपक्षीय व्यापार में 10.73% हिस्सा अमेरिका का रहा। ऐसे में ट्रंप के इस टैरिफ ऐलान से भारत के कुछ प्रमुख निर्यात क्षेत्रों पर सीधा प्रभाव पड़ना तय माना जा रहा है।
सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले पांच भारतीय सेक्टर:
1. टेक्सटाइल और अपैरल्स (Textiles & Apparels)
भारत का अमेरिका को लगभग 9.6 अरब डॉलर का निर्यात होता है, जो इस क्षेत्र के कुल निर्यात का 28% है। कालीनों का तो 58% निर्यात अकेले अमेरिका को किया जाता है। टैरिफ बढ़ने से ये उत्पाद अमेरिका में महंगे हो जाएंगे और प्रतिस्पर्धा घटेगी।
2. फार्मास्युटिकल्स (Pharmaceuticals)
भारत अमेरिका का सबसे बड़ा जेनेरिक दवा आपूर्तिकर्ता है। 2024 में फार्मा निर्यात का मूल्य 127 अरब डॉलर रहा। नए टैरिफ के कारण दवाएं महंगी होंगी, जिससे अमेरिकी बाजार में भारतीय फार्मा कंपनियों की पकड़ कमजोर हो सकती है।
3. एग्रीकल्चर और सीफूड (Agriculture & Seafood)
मछली, मांस और प्रोसेस्ड सीफूड जैसे उत्पादों का अमेरिका में 2.58 अरब डॉलर का बाजार है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन पर 27.83% तक का अतिरिक्त शुल्क लग सकता है, जिससे भारतीय झींगा और समुद्री उत्पाद प्रतिस्पर्धा में पीछे रह सकते हैं।
4. शराब, मांस और डेयरी उत्पाद (Liquor, Meat & Dairy)
शराब, वाइन और स्पिरिट्स पर भारी टैरिफ बढ़ोतरी संभावित है। डेयरी उत्पादों — जैसे घी, मक्खन, मिल्क पाउडर — पर भी असर पड़ेगा। भारत का अमेरिका में डेयरी व्यापार 181.49 मिलियन डॉलर का है, जिसका बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है।
5. फुटवियर (Footwear)
फुटवियर पर पहले 15% शुल्क लगता था, जो अब 25% हो जाएगा। भारत का अमेरिका को इस क्षेत्र में निर्यात लगभग 45.76 करोड़ डॉलर का है। टैरिफ बढ़ने से अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पाद महंगे हो जाएंगे और मांग घट सकती है।
निवेशकों में चिंता, बाजार की नजरें 31 जुलाई पर
ट्रंप के इस ऐलान के बाद निवेशकों में असमंजस की स्थिति है। 31 जुलाई को बाजार में इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है। ट्रेड डील की उम्मीद लगाए निवेशकों के लिए यह फैसला झटका साबित हो सकता है।
