एक दूसरे को पत्र लिखकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं दोनों विभाग
फिरोजाबाद। जनपद में धड़ल्ले से संचालित हो रहे अवैध क्लीनिक पर कार्यवाही करने के बजाय स्वास्थ्य विभाग और आयुर्वेद विभाग के अधिकारी बचते नजर आ रहे है।
बताते चलें कि मामला शहर के जलेसर रोड स्थित झील की पुलिया के समीप संचालित आयुर्वेद चिकित्सक डॉ0 एवरन सिंह के क्लीनिक से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि आयुर्वेद चिकित्सा डॉ0 एवरन सिंह द्वारा एलोपैथिक पद्धति से मरीज का उपचार किया जा रहा है। शिकायत प्राप्त होने के नोडल अधिकारी डॉ0 के0के0 वर्मा ने क्लीनिक का निरीक्षण किया जिसमें डॉ0 एवरन सिंह एलोपैथी पद्धति में मरीजों का उपचार करते मिले जिसपर उनके द्वारा डॉ0 एवरन सिंह को नोटिस थमा दिए गए तथा शिकायत की आख्या में डॉ0 के0के0 वर्मा ने बताया कि नोटिस देने के बाद भी नोटिस का जवाब नहीं दिया गया है न कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में दस्तावेज जमा किए हैं। डॉ0 के0के0 वर्मा ने आख्या में यह भी बताया कि कार्यवाही के लिए क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी को कार्यवाही हेतु पत्र भेजा गया है। क्षेत्रीय आर्युवेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ0 सुनीता पाल ने डॉ0 एवरन सिंह से मामले में स्पष्टीकरण मांगा तो उन्होंने बताया कि किन्हीं कारणवश वर्ष 2023 के बाद उनके द्वारा चिकित्साभ्यास न करने के कारण उनके द्वारा क्लीनिक का नवीनीकरण नहीं कराया गया था। डॉ0 एवरन सिंह द्वारा क्लीनिक का बिना नवीनीकरण कराए धड़ल्ले से एलोपैथी पद्धति में मरीजों का इलाज कर रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग और आयुर्वेद विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने किसी प्रकार की कार्यवाही करने की जहमत नहीं उठाई। मामले में शिकायत दर्ज होने के बाबजूद भी दोनों विभाग कार्यवाही करने के बजाय एक दूसरे को कार्यवाही करने के लिए जिम्मेदार ठहराने में लगे हैं।
