शिकोहाबाद। आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर सोमवार को शाम चार बजे एक हादसा हो गया। जिसमें स्विफ्ट कार सवार सिपाही घायल हो गये। जानकारी होने पर थाना पुलिस ने घायल को उपचार के लिए संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया। यहां पर स्टाफ और फार्मासिस्ट उसका उपचार करते रहे, लेकिन ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने उन्हे देखा तक नहीं। जिसकी वहां मौजूद लोगों ने काफी निंदा की।
मैनपुरी के थाना किशनी भोगांव के गांव मनपुरा निवासी राजेंद्र सिंह (51) पुलिस महकमे में तैनात हैं। उनकी ड्यूटी यूपीडा में हेड कांस्टेबल के पद पर जमुना पार मथुरा थाने में तैनात है। सोमवार शाम चार बजे वह अपनी कार से घर मैनपुरी आ रहे थे। जब उनकी कार माइल स्टोन 62 नगला खंगर थाना क्षेत्र में पहुंची तो अनियंत्रित होकर पलट गई। जिसमें उनके गंभीर चोट आई है। हादसे की जानकारी होते ही थाना नगला खंगर पुलिस ने उन्हें उपचार के लिए संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां से उन्हें फिरोजाबाद रेफर किया है।
इस दौरान इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक की लापरवाही सामने आई। पीड़ित कांस्टेबिल का उपचार इमरजेंसी में तैनात स्टाफ और फार्मास्सिट करने में जुटे रहे, लेकिन चिकित्सक ने मरीज को देखा तक नहीं। वह अस्पताल में इधर-उधर टहलते रहे। लोगों का कहना है कि डाक्टर से मरीज को देखने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी और पैदल ही अस्पताल से बाहर चले गये। इस बारे में सीएमएस आरसी केशव का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। उनसे लिखित स्पष्टीकरण मांगा जायेगा।
