शिकोहाबाद। स्टेशन रोड स्थित झा क्लासेज में बुधवार को हुए औचक निरीक्षण ने शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को एक बार फिर उजागर कर दिया। स्कूल समय में कोचिंग संचालन और बिना पंजीकरण के कक्षाएं चलने का मामला सामने आने के बावजूद कार्रवाई को लेकर स्थिति अब भी अस्पष्ट बनी हुई है।
जिला विद्यालय निरीक्षक धीरेंद्र कुमार के निर्देश पर नामित नोडल प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार ने दोपहर करीब 12:15 बजे कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राएं पढ़ते हुए मिले, जबकि यह समय विद्यालयों में नियमित कक्षाओं का होता है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कोचिंग संचालक विभिन्न स्कूलों के छात्रों को जोड़कर नियमित रूप से कक्षाएं संचालित कर रहे थे। अलग-अलग कमरों में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद मिले, जो नियमों के उल्लंघन की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है।
निरीक्षण के दौरान जब कोचिंग के रजिस्ट्रेशन और मान्यता से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, तो संचालक कोई भी वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर नोडल अधिकारी ने चेतावनी देते हुए नोटिस जारी करने की बात कही।
हालांकि, यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार ऐसे निरीक्षण हो चुके हैं, लेकिन हर बार कार्रवाई का अभाव ही देखने को मिला है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या ये निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गए हैं, जबकि जमीनी स्तर पर अवैध कोचिंग का संचालन लगातार जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जनपद में कई कोचिंग संस्थान खुलेआम स्कूल समय में कक्षाएं चला रहे हैं, जिससे न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि छात्रों की नियमित पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।
इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक धीरेंद्र कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस बार सिर्फ चेतावनी तक सीमित रहेगा या फिर अवैध कोचिंग के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
