समय भास्कर मुंबई। क्या आपने कभी वो फिल्में देखी हैं जो वक़्त के साथ और भी ज़्यादा सच्ची लगने लगती हैं?
प्यासा ऐसी ही एक फिल्म है — जो सिर्फ़ एक कहानी नहीं, बल्कि उस दौर की धड़कन थी। और अब, कई सालों बाद, जब इसे फिर से बड़े परदे पर दिखाया गया… तो सिर्फ़ परदे नहीं चमके — लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

हिन्दी सिनेमा की एक बेहद यादगार फिल्म प्यासा को नए अंदाज़ में एक बार फिर से दर्शकों के सामने लाया गया। Ultra Media & Entertainment ने इसका एक खास शो रखा, जिसमें वो फिल्म दिखाई गई जिसे अब 4K तकनीक से साफ करके नया रूप दिया गया है। यह काम भारत सरकार के राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन के तहत NFDC और NFAI द्वारा किया गया।

यह कार्यक्रम फिल्मकार गुरु दत्त के जन्म के सौ साल पूरे होने पर चल रहे उत्सवों का एक खास हिस्सा रहा।

प्रीमियर से पहले एक बातचीत का आयोजन हुआ, जिसमें जावेद अख्तर, हंसल मेहता, आर बाल्की, सुधीर मिश्रा, और भावना सोमाया जैसे नामी लोगों ने हिस्सा लिया। चर्चा में गुरु दत्त की फिल्मों के असर पर बात हुई — उनकी कहानियों की गहराई, कैमरे का इस्तेमाल, किरदारों की जटिलता और समाज को देखने का उनका नजरिया आज भी फिल्मकारों और दर्शकों को कितना प्रभावित करता है, ये सब खुलकर सामने आया।

 

यह सिर्फ़ एक शो नहीं, बल्कि गुरु दत्त की फिल्मों का एक बड़ा सिलसिला है जो इस हफ्ते के अंत तक PVR Inox और Cinepolis जैसे मल्टीप्लेक्स में दिखाया जाएगा। प्यासा के साथ-साथ लोग कागज़ के फूल, साहिब बीबी और गुलाम, आर-पार, चौदहवीं का चाँद, मिस्टर एंड मिसेज़ 55 और बाज़ जैसी फिल्में भी बड़े परदे पर देख पाएंगे — और वो भी साफ़ और बेहतर वर्ज़न में।

इस इवेंट में कई जानी-मानी हस्तियाँ भी शामिल हुईं — जैसे अनुभव सिन्हा, विक्रमादित्य मोटवानी, रितुपर्णा सेनगुप्ता, दिव्या दत्ता, अक्षय ओबेरॉय, अनूप सोनी, जूही बब्बर और सिद्धार्थ रॉय कपूर। इसके अलावा NFDC के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रकाश मगदुम और Ultra Media के सुशील अग्रवाल और रजत अग्रवाल भी मौजूद रहे।

यह पूरा आयोजन गुरु दत्त के काम को एक नई पीढ़ी से जोड़ने की कोशिश है। एक ऐसा फिल्मकार, जिसकी कहानियाँ कभी उम्र नहीं पकड़तीं। प्यार, अकेलापन, उम्मीद जैसे जज़्बातों को उन्होंने जिस तरह दिखाया — वो आज भी उतना ही सच्चा लगता है।

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