संभाग संगठन मंत्री ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी
यू. के. दीक्षित ‘वरुण’
विशेष संवाददाता
फिरोजाबाद। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए श्रम कानूनों के विरोध में भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन 25 फरवरी को देशभर में प्रदर्शन कर सरकार से श्रमिक हितों से जुड़े प्रावधानों में संशोधन की मांग करेगा।
शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में भारतीय मजदूर संघ के संभाग संगठन मंत्री शंकर लाल ने बताया कि संगठन प्रारंभ से ही मजदूरों के हितों के लिए कार्य करता रहा है। उन्होंने कहा कि नए श्रम कानूनों में शामिल दो प्रावधानों पर संगठन ने पहले ही सरकार के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी। उस समय संशोधन का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उन्होंने बताया कि सरकार को पुनः स्मरण कराने और श्रमिकों की आवाज बुलंद करने के लिए 25 फरवरी को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन किया जाएगा। यदि इसके बाद भी सरकार द्वारा संबंधित कानूनों में संशोधन नहीं किया गया तो दिल्ली में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
पत्रकारों द्वारा पहले समर्थन और अब विरोध के संबंध में पूछे गए सवाल पर शंकर लाल ने स्पष्ट किया कि संगठन संपूर्ण कानून का विरोध नहीं कर रहा, बल्कि केवल उन दो प्रावधानों में बदलाव की मांग कर रहा है, जिन्हें श्रमिक विरोधी माना जा रहा है।
इन प्रावधानों का हो रहा है विरोध
फैक्ट्री एक्ट के अंतर्गत श्रमिकों की सीमा 100 से बढ़ाकर 300 किए जाने का प्रावधान।
बोनस लागू होने की सीमा 50 मजदूरों से बढ़ाकर 100 किए जाने का प्रावधान।
श्रमिक संगठनों की मान्यता के लिए 51 प्रतिशत प्रतिनिधित्व अनिवार्य किए जाने की शर्त।
संभाग संगठन मंत्री ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ श्रमिकों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगा और आवश्यक होने पर व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

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