Samay Bhaskar मुंबई : भारत में विश्व सिनेमा के प्रशंसकों के लिए एक शानदार खबर सामने आ रही है। बुकमायशो का चर्चित ‘रेड लॉरी फिल्म फेस्टिवल’ एक बार फिर अपने नए संस्करण के साथ वापसी कर रहा है। इस बार का खास आकर्षण ‘रेंदे-वू विद फ्रेंच सिनेमा’ (Rendezvous with French Cinema) है, जिसे एलायंस फ्रांसे बॉम्बे के सहयोग से विशेष रूप से तैयार किया गया है। 13 से 15 मार्च तक मुंबई में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में फ्रांस की 12 ऐसी चुनिंदा फिल्में दिखाई जाएंगी, जिन्होंने वैश्विक स्तर पर अपनी कहानी और कलात्मकता का लोहा मनवाया है।

इस फिल्म फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य फ्रेंच कहानियों की ताकत और उनके वैश्विक प्रभाव का जश्न मनाना है। फेस्टिवल के लाइनअप में ऐसी कई फिल्में शामिल हैं जिन्हें प्रतिष्ठित ‘सेजऱ अवॉर्ड्स’ और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय फिल्म उत्सवों में भारी सराहना मिली है। इस सूची में सबसे प्रमुख फिल्म ‘केस 137’ है, जिसे इस साल की सबसे चर्चित फ्रेंच फिल्म माना जा रहा है। इस फिल्म ने बेस्ट फिल्म और डोमिनिक मोल के लिए बेस्ट डायरेक्टर सहित कई श्रेणियों में सेजऱ नामांकन हासिल किए हैं। इसके साथ ही, मशहूर अभिनेत्री इसाबेल हूपर्ट की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘द रिचेस्ट वुमन इन द वर्ल्ड’ भी दर्शकों के लिए एक बड़ा आकर्षण होगी।

फेस्टिवल में बड़े निर्देशकों के साथ-साथ नई और उभरती आवाजों को भी जगह दी गई है। एक ओर जहाँ क्वेंटिन डुपिएक्स की ‘द पियानो एक्सीडेंट’ जैसी लीक से हटकर बनी फिल्में देखने को मिलेंगी, वहीं इस साल के कान्स फिल्म फेस्टिवल की ओपनिंग फिल्म रही ‘लीव वन डे’ भी इस कार्यक्रम का हिस्सा है। इसके अलावा ‘पीसेस ऑफ अ फॉरेन लाइफ’, ‘हिंट ऑफ लव’ और ‘द ऑर्फन्स’ जैसी फिल्में मानवीय संवेदनाओं, पहचान की तलाश और विस्थापन जैसे गहरे विषयों को पर्दे पर उतारेंगी। ऐतिहासिक न्याय और मानवाधिकारों पर आधारित फिल्म ‘फर्सी’ भी इस महोत्सव की गरिमा बढ़ाएगी।

रेड लॉरी फिल्म फेस्टिवल के डायरेक्टर और बुकमायशो के सीओओ (सिनेमा) आशीष सक्सेना ने इस आयोजन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि फ्रेंच सिनेमा ने हमेशा कलात्मक साहस और भावनात्मक गहराई के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाए रखा है। उन्होंने बताया कि यह प्रोग्राम इसी भावना को दर्शाता है और वे इस सहयोग के लिए फ्रेंच दूतावास के आभारी हैं। वहीं, भारत में फ्रेंच दूतावास के ऑडियोविजुअल अटैची मैथ्यू बेजोत ने कहा कि फ्रेंच सिनेमा हमेशा से संस्कृतियों के बीच एक सेतु का काम करता आया है और उन्हें खुशी है कि ये समकालीन फिल्में अब भारत के दर्शकों तक पहुँच रही हैं। मुंबई के सिनेमा प्रेमी अब बुकमायशो पर जाकर इस तीन दिवसीय उत्सव के लिए पास बुक कर सकते हैं।

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