नई दिल्ली। नेपाल में चल रहे जेन-जेड (Gen-Z) आंदोलन के बीच, एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रामेछाप जिला जेल में कैदियों ने भागने की कोशिश की, जिसे रोकने के लिए सेना को गोलियां चलानी पड़ीं। इस घटना में लगभग 12 से 13 कैदी घायल हो गए।काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार की सुबह रामेछाप जिला जेल में बड़ी संख्या में कैदियों ने भागने का प्रयास किया। मुख्य जिला अधिकारी श्याम कृष्ण थापा ने बताया कि कैदियों ने जेल के कई अंदरूनी ताले तोड़ दिए और मुख्य गेट को जबरदस्ती खोलने की कोशिश की। इसके बाद, सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने के लिए गोलीबारी शुरू कर दी।

देश भर में जेल तोड़ने की कोशिशें
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश में जेन-जेड प्रदर्शनों के चलते अराजकता का माहौल है। काठमांडू पोस्ट के अनुसार, बुधवार से देश की कई जेलों में भागने की कोशिशें तेज़ हो गई हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया है कि देश भर की 25 से अधिक जेलों से 15,000 से ज़्यादा कैदी भाग निकले हैं। हालांकि, इनमें से कुछ ही कैदी स्वेच्छा से वापस लौटे हैं या उन्हें सेना ने फिर से पकड़ लिया है।नेपाल में यह उग्र प्रदर्शन तब शुरू हुआ जब सरकार ने 26 सोशल मीडिया ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया। इस प्रतिबंध के विरोध में जेन-जेड युवा सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन और कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी।

हालात को देखते हुए, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। देश में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना ने कमान संभाल ली है। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में अब तक 30 लोग मारे गए हैं और 1,000 से ज़्यादा घायल हुए हैं। राजधानी काठमांडू समेत कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है, जो शुक्रवार सुबह तक जारी रहेगा।रामेछाप जेल में हुए बवाल के बाद पुलिस ने पुष्टि की है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और सभी कैदियों को काबू कर लिया गया है। इस जेल में 800 से ज़्यादा कैदी बंद हैं।

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