शिकोहाबाद। नटवर लालों की कोई कमी नहीं है। लोग ठगी के नये तरीके अपना कर लोगों को चूना लगा रहे हैं। ऐसे ही एक मामले का शनिवार को पुलिस ने भंडाफोड किया है। जीपीएस की मदद से एक ट्रैक्टर को पुलिस ने मय चालक के पकड़ लिया और जब उससे पूछताछ की बड़े रैकिट का खुलासा हुआ है। पुलिस अब इस पूरे मामले में तहतक जाने के लिए पकड़े गये युवक से पूछताछ कर रही है।

नगर के खेड़ा मुहल्ला में एक किराये के मकान पर आदित्य इंटरप्राइजेज नाम से फर्म खोली। जिसमें उसने ट्रैक्टर स्वामियों से संपर्क किया और उन्हें ट्रैक्टर को 20000 हजार रुपये प्रति माह किराये पर एग्रीमेंट कराकर ट्रैक्टर लिया। इसके बाद कुछ को दो माह और कुछ को चार माह की किश्त दी। इसके बाद किश्त देना बंद कर दिया। जब ट्रैक्टर स्वामियों ने इस बारे में जानकारी की तो पता चला कि यह फर्म फर्जी है। लोगों ने कार्यालय पर जाकर माह की किश्त मांगना शुरू कर दिया, जबकि कुछ ने एग्रीमेंट तोड़ कर ट्रैक्टर वापस करने की मांग शुरू कर दी। जिसके बाद ठगों का गिरोह कार्यालय बंद करके 30 जुलाई को भाग गया। इसके बाद ट्रैक्टर स्वामियों को खुद को ठगे जाने का अंदेशा हो गया। इन लोगों ने आगरा मंडल के कई शहरों और गावों से ट्रैक्टरों का एग्रीमेंट कराकर ले गये।

जसराना के गांव उदी निवासी राजेश ने भी अपना ट्रैक्टर का एग्रीमेंट कराया है। उसके ट्रैक्टर को मथुरा ले गये। जहां से इसे लेकर वह बाराबंकी के लिए एक युवक लेकर जा रहा था। जब राजेश ने अपने ट्रैक्टर की लोकेशन देखी तो नजदीक पाया। इस पर उसने अपने अन्य साथियों और पुलिस के साथ ट्रैक्टर को मैनपुरी रोड कंथरी गांव के समीप से मय चालक के पकड़ लिया और थाने लाए। जब पुलिस ने पकड़े गये ट्रैक्टर चालक बिजेंद्र निवासी बरसाना छाता मथुरा का रहने वाला है। उसने बताया कि उसे दो हजार रुपये में बाराबंकी तक पहुंचाने के लिए दिया है। अब पुलिस आरोपी बिजेंद्र से पूछताछ कर गिरोह का भांडा फोड़ करने में जुट गई है। जब इस घटना की अन्य ट्रैक्टर स्वामियों को मिली तो वह भी एकत्रित होकर थाना पहुंचे और पुलिस से अपने ट्रैक्टर भी बरामद कराये जाने की गुहार लगाई है।

Share.
Exit mobile version