नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में हाल के दिनों में आई खटास को कम करने के लिए अब बातचीत का दौर शुरू हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर भारी टैरिफ लगाने के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ गया था। अब ट्रंप प्रशासन स्थिति को संभालने और रिश्तों को पटरी पर लाने की कोशिश में जुटा है। मंगलवार को दोनों देशों के शीर्ष वार्ताकारों ने प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू कर दी है।
कौन कर रहा है वार्ता?
इस वार्ता में अमेरिकी टीम का नेतृत्व दक्षिण और मध्य एशिया के लिए सहायक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं, जबकि भारत की ओर से वाणिज्य विभाग में विशेष सचिव राजेश अग्रवाल मुख्य वार्ताकार हैं। लिंच सोमवार देर रात भारत पहुंचे थे। यह किसी वरिष्ठ अमेरिकी व्यापार अधिकारी की पहली भारत यात्रा है, जब से अमेरिका ने भारतीय सामान पर 25% शुल्क और 25% अतिरिक्त जुर्माना लगाया है। भारत ने इस फैसले को अनुचित बताया है।
मोदी और ट्रंप की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर दिए गए सकारात्मक बयान का स्वागत किया था। इसी बीच यह वार्ता शुरू हुई है।
भारत का साफ कहना है कि रूस से कच्चे तेल की खरीद उसके राष्ट्रीय हित और बाजार की स्थिति के अनुसार है। साथ ही सरकार ने दोहराया है कि वह किसी भी व्यापार समझौते में अपने किसानों, डेयरी उद्योग और एमएसएमई सेक्टर के हितों से समझौता नहीं करेगी।
क्या है उम्मीद?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बातचीत दोनों देशों के बीच बढ़े हुए टैरिफ विवाद को सुलझाने और व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।
