क्लीनिंक पर धड़ल्ले से मरीजों को लगाई जा रही हैं ड्रिप व इंजेक्शन
संवाददाता, फिरोजाबाद। क्लीनिकों , पैथोलॉजी व अस्पतालों का समय समय पर निरीक्षण व कार्यवाही के दावे स्वास्थ विभाग करता रहा हैं शहर में कई अवैध व मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए क्लीनिक व हॉस्पिटल संचालित होते हुए मिल जाएंगे।ऐसा ही एक क्लीनिक कई वर्षों से जलेसर रोड झील की पुलिया पर संचालित हो रहा हैं।
डॉ एवरन सिंह के पास बीएएमएस की डिग्री हैं। डॉ साहब आयुर्वेद का उपचार न करके मरीजों को ड्रिप, इंजेक्शन एवं एलोपैथिक दवाइयों लिख रहे हैं। ड्रिप व इंजेक्शन लगाने के लिए उन्होंने अप्रशिक्षित कंपाउंडर लगा रखें हैं। आयुष विभाग में क्लीनिक पंजीकरण का रिन्युवल भी नहीं कराया हैं।
आपको बता दें यह क्लीनिक कोविड 19 व शहर में डेंगू फैलने के समय चर्चा में आया था तब विभाग द्वारा उसको बंद करने के दावे किए थे किंतु उसके बाद भी यह बेखौफ संचालित हो रहा हैं।
* *क्लीनिक पर ड्रिप व इंजेक्शनों का हो रहा है भरपूर उपयोग*
* डॉ एवरन सिंह अपने क्लीनिक पर आने वाले मरीजो का उपचार अंग्रेजी दवाइयों एवं ड्रिप व इंजेक्शन लगाकर कर रहे हैं। मरीजों के साथ उपचार कर स्वास्थ के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
*क्या कहते हैं नियम*
1- बीएएमएस डिग्री धारक को आयुष विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। पंजीकरण को हर वर्ष रिन्युवल कराना पड़ता है।
2 – अपनी आयुष चिकित्सा पद्धति अनुसार ही मरीज का उपचार कर सकता है।
सरकार द्वारा प्राथमिक उपचार में कुछ दवा वह एलोपैथिक में लिख सकता है लेकिन ड्रिप इंजेक्शन नहीं लगा सकता है व मरीज को भर्ती नहीं कर सकता है।
3 – अग्नि शमन व प्रदूषण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा।
4- बायोबेस्ट कंपनी से भी प्रमाण पत्र लेना होगा।
