इंदौर। शहर में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 68 वर्षीय महिला गीताबाई ध्रुवकर की उपचार के दौरान मौत हो गई। यह दूषित पानी से जुड़ी 15वीं मौत बताई जा रही है, हालांकि शासन अब भी उल्टी-दस्त से सिर्फ चार मौतों को ही आधिकारिक रूप से स्वीकार कर रहा है।
हाई कोर्ट में दूषित पानी को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। शासन की ओर से पेश 39 पेज की स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में उल्टी-दस्त के 294 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हुए, जिनमें से 93 को उपचार के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। शेष मरीजों में 32 की हालत गंभीर है और वे आईसीयू में भर्ती हैं। रिपोर्ट में उल्टी-दस्त से चार मौतों की पुष्टि की गई है।
देर शाम अतिरिक्त महाधिवक्ता रोहित सेठी ने कोर्ट में स्वीकार किया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में उल्टी-दस्त से आठ मौतें हो चुकी हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई
मामले में लापरवाही को गंभीर मानते हुए सरकार ने नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। रोहित सिसोनिया का तबादला कर उन्हें इंदौर नगर निगम से हटाकर किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग भेज दिया गया है। इसके साथ ही जलकार्य विभाग के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव से भी प्रभार वापस ले लिया गया है। निगम में तीन नए अपर आयुक्तों की नियुक्ति की गई है।
छह जनवरी को अगली सुनवाई
हाई कोर्ट में सुनवाई करीब दस मिनट चली। शासन ने कोर्ट को बताया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में 32 से अधिक टीमें लगातार काम कर रही हैं और प्रभावित इलाकों में टैंकरों से साफ पानी की आपूर्ति की जा रही है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं अभिनव धनोडकर, रितेश इनानी और मनीष यादव ने कहा कि शासन चार मौतों की बात स्वीकार कर रहा है, जबकि वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक है। कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए अगली सुनवाई छह जनवरी तय की है।
ट्रेजर टाउनशिप के रहवासियों ने भी लगाई गुहार
भागीरथपुरा मामले की सुनवाई के दौरान ट्रेजर टाउनशिप के रहवासी भी कोर्ट पहुंचे। अधिवक्ता अनिल ओझा के माध्यम से उन्होंने याचिका में हस्तक्षेपकर्ता बनने का आवेदन दिया। रहवासियों ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में भी लंबे समय से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है, लेकिन शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।
शासन द्वारा स्वीकार की गई मौतें
शासन की स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार उल्टी-दस्त से जिन चार मौतों को स्वीकार किया गया है, वे इस प्रकार हैं—
उर्मिला (60), भागीरथपुरा – 28 दिसंबर
तारा (65), भागीरथपुरा – 30 दिसंबर
नंदलाल (70), भागीरथपुरा – 30 दिसंबर
हीरालाल (65), शीतल नगर – 31 दिसंबर
महिला की उपचार के दौरान मौत
दूषित पानी से प्रभावित 68 वर्षीय गीताबाई ध्रुवकर को करीब दस दिन पहले उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में 31 दिसंबर को उन्हें अरबिंदो अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि दूषित पानी के कारण परिवार के अन्य सदस्य भी बीमार पड़ रहे हैं।
