संवाददाता/ मीरा भायंदर

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का संग्राम शुरू हो गया है। मिरा भाईंदर में चुनाव ने आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति ने एक अलग रंग ले लिया है। वर्तमान निर्दलीय विधायक गीता जैन ने इस चुनाव को संघर्ष में तब्दील करते हुए एक बार फिर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
2019 में, मिरा भाईंदर की मौजूदा विधायक गीता जैन ने शहर में भ्रष्टाचार और अहंकार के खिलाफ विद्रोह किया। लेकिन जब पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो गीता जैन ने जनता के माध्यम से इस संघर्ष को उठाया और जनता के विश्वास के दम पर मिरा भाईंदर से पहली महिला निर्दलीय विधायक बनने का गौरव हासिल किया। इस साल, 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले, उन्हें भारतीय जनता पार्टी और महायुति द्वारा बार-बार टिकट देने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन पिछले दिनों नरेंद्र मेहता को टिकट की घोषणा ने गीता जैन समेत उनके असंख्य कार्यकर्ताओं और मिरा भाईंदर की जनता के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। लेकिन गीता जैन ने ठान लिया था, इसलिए उन्होंने जनता की गवाही और उनके आशीर्वाद से एक बार फिर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल करके इतिहास दोहराने का फैसला किया।

जब विपक्ष साम दाम दंड भेद का प्रयोग कर रहा था तब गीता जैन की पहली निर्धार सभा आज शिवसेना गली, भाईंदर पश्चिम में अपने धैर्य और विश्वास को डिगने दिए बिना संपन्न हुई। इस बैठक में गीता जैन ने एक बार फिर अपने चुनाव चिन्ह के रूप में विपक्ष के खिलाफ बल्लेबाजी कर अपना वजूद साबित किया। इस राक्षसी प्रवृत्ति ने जनता और पार्टी को अपने मायाजाल से भ्रमित कर दिया है। उनका मकसद एक बार फिर लोगों को लूटना और अपनी सोने की लंका बनाना है। वे आपको धमकाएंगे, लालच देंगे लेकिन एक बात याद रखें जब तक गीता जैन आपके साथ है आपको डरने की कोई बात नहीं है ऐसा विश्वास इस मौके पर गीता जैन ने जनता को दिया। पिछली बार बल्ला आपका हथियार था और इस बार आपको यह लड़ाई बल्लेबाज से लड़नी है। उन्होंने जनता की गवाही के माध्यम से अपने भावी संकल्पों को नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत किया। इस अवसर पर नागरिकों विशेषकर महिलाओं ने उनके प्रति अपना पुरजोर समर्थन जताया।
गीता जैन का मानना है कि जनता के दृढ़ विश्वास और समर्थन से बल्लेबाज एक बार फिर प्रचंड बहुमत हासिल करेगा और एक बार फिर नया इतिहास रचेगा।

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