समय भास्कर,शिकोहाबाद। फर्जी डिग्री मामले में शिकोहाबाद थाने पर छात्रों द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जिसके बाद शनिवार को प्रभारी निरीक्षक जांच करने विश्वविद्यालय पहुंचे। यहां उन्हें कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं मिला। जिससे वह बिना जांच करे वापस लौट आए।शनिवार दोपहर एक बजे के करीब इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह जेएस विश्वविद्यालय पहुंचे। जहां उन्होने जांच शुरू की, लेकिन वहाँ कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति नहीं मिला। जिससे वह पूछताछ करते। इसके बाद वह वापस लौट आए।
इंस्पेक्टर ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही विश्वविद्यालय का प्रबंधन तंत्र लापता है। इस मामले में प्रबंधन को नोटिस देकर जांच संबंधी जवाब मांगे गए थे। उन्होंने बताया कि प्रबंधन की तरफ से एक नोटिस का जवाब भेजा गया था, जो संतोषपूर्ण नहीं है। दूसरे पत्र का जवाब आज तक नहीं दिया गया है। प्रबंधन से जुड़े लोगों से बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है, लेकिन अभी तक कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति नहीं आया है। विश्वविद्यालय में भी कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं मिल रहा है। इससे जांच प्रभावित होने के साथ जांच में देरी हो रही है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव और रजिस्ट्रार नंदन मिश्रा जयपुर जेल में हैं। उनकी रिमांड लेने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है। प्रयास किया जा रहा है कि अप्रैल माह के पहले सप्ताह में उनको रिमांड पर लेकर आया जाए। वहीं शेष आरोपितों प्रति कुलाधिपति डॉ. पीएस यादव, महानिदेशक डॉ. गौरव यादव और एग्रीकल्चर विभाग के विभागाध्यक्ष की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस ने दबिश तेज कर दी हैं। उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जायेगा।
