Samay Bhaskar  | Delhi

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर राज्य में माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। आंदोलन के 18वें दिन रांची में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने राज्यव्यापी ‘झारखंड बंद’ का आह्वान किया है। पूरे प्रदेश में सुरक्षा बल तैनात हैं और संवेदनशील इलाकों में पुलिस अलर्ट पर है।

प्रशासन और पुलिस बल सड़कों पर मार्च कर रहे हैं, ताकि आम जनता को किसी तरह की असुविधा न हो। इसके बावजूद राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें सामने आ रही हैं।

परीक्षाओं में धांधली के आरोप और छात्रों की माँगें
आंदोलन कर रहे छात्र संगठनों का सीधा आरोप है कि JPSC की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा और JSSC-CGL परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और पेपर लीक हुआ है। छात्र इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जाँच कराने के लिए केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) से प्रोब की माँग पर अड़े हुए हैं।

इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो बीते 9 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।

सरकार की सफाई और अब तक हुई प्रशासनिक कार्रवाई
राज्य सरकार के मंत्रियों के एक पैनल ने मीडिया के सामने आकर दावा किया है कि छात्रों की लगभग 98 प्रतिशत माँगें मान ली गई हैं। सरकार का कहना है कि भविष्य की परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए नई गाइडलाइंस और सुझाव पोर्टल तैयार किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद छात्र अपना प्रदर्शन वापस नहीं ले रहे हैं।

दूसरी तरफ, बढ़ते दबाव और सीआईडी (CID) की पूछताछ के बीच JPSC के तीन मौजूदा सदस्यों—डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। सीआईडी इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ रही है और पूर्व JPSC चेयरमैन सहित करीब 20 लोगों को अब तक हिरासत में लिया जा चुका है।

रांची विधानसभा मार्च के दौरान कैसे बिगड़े हालात?
मामला 10 अगस्त को उस वक्त बेहद बढ़ गया, जब हजारों की संख्या में छात्रों ने नए विधानसभा भवन का घेराव करने के लिए मार्च निकाला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही आसपास के इलाके में सुरक्षा कड़ी कर रखी थी।

जब प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़कर मुख्य गेट के करीब पहुँचे, तो पुलिस और छात्रों के बीच सीधी भिड़ंत हो गई। उग्र होती भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को पानी की बौछारें छोड़नी पड़ीं और आँसू गैस के गोलों के साथ लाठीचार्ज करना पड़ा। इस घटना में कई छात्रों के साथ-साथ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

‘झारखंड बंद’ का सड़कों और विधानसभा पर असर
लाठीचार्ज के विरोध में उतरी बीजेपी ने राज्य स्तर पर बंद की अपील की, जिसके बाद रांची के हरमू चौक समेत कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम करने की कोशिश की। राजनीतिक हलचलों के बीच विधानसभा की कार्यवाही में भी विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया।

सदन में हंगामे और नारेबाजी के कारण विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करनी पड़ी। पूरे राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और अधिकारी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।

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