ड्राई माउथ की समस्या को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि थायरॉइड के कारण भी ड्राई माउथ की समस्या शुरू हो सकती है। NCBI के अनुसार थायरॉइड लेवल अगर कम या ज्यादा हो जाए तो दोनों ही स्थिति में मुंह में लार का उत्पादन कम होने लगता है, जिससे मुंह सूखने की समस्या शुरू हो सकती है।

हमारे मुंह को स्वस्थ्य रखने में लार की अहम भूमिका होती है। लार मुंह में मौजूद लार ग्रंथियों द्वारा बनती है। लार में मौजूद एंजाइम भोजन में मौजूद स्टार्च को तोड़ने में सहायक होते हैं। लार मुंह को स्वस्थ रखने के साथ-साथ खाने को चबाने और निगलने में मददगार है। NIDCR के अनुसार लार में मौजूद कैल्शियम और फॉस्फेट दांतों को मजबूत और बीमारियों से दूर रखने में सहायक होते हैं। वहीं थायरॉइड ग्लैंड शरीर में होने वाली सभी मेटाबोलिज्म को नियंत्रण करने का काम करती है और इस काम में सलाइवा ग्लैंड की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। थायरॉइड हार्मोन T3 और T4 लार ग्रंथियों को आवश्यक लार बनाने का आदेश देता है। इसलिए अगर हार्मोन का स्तर बिगड़ जाए तो लार की मात्रा सामान्य से कम होने लगती है। ऐसी स्थिति को जेरोस्टोमिया (ड्राई माउथ) की समस्या कहते हैं।

NCBI में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार थायरॉइड और ड्राई माउथ की समस्या के अलग-अलग कारण हैं। जैसे:

हाइपोथायरॉइडिज्म
थयरॉइड ग्लैंड जब शरीर के लिए आवश्यक हार्मोन बनाने में सक्षम नहीं हो पाता है, तो शरीर में मौजूद कोशिकाओं में ऊर्जा का उत्पादन भी कम हो जाता है। इसमें लार ग्रंथियां भी शामिल होती हैं, जिसके परिणामस्वरूप लार की मात्रा भी कम होने लगती है और व्यत्कि को मुंह में सूखापन महसूस होने लगता है।

हाशिमोटो थायरॉयडिटिस
हाइपोथायरायडिज्म का सबसे सामान्य कारण हाशिमोटो थायरॉयडिटिस को माना गया है। इन मरीजों में भी मुंह सूखने की समस्या होती है। दरअसल ऐसी स्थिति को मेडिकल टर्म में ऑटोइम्यून स्थिति कहते हैं, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली थायरॉइड ग्लैंड को ही अपना शिकार बना लेती है। और मरीजों में ड्राई माउथ की समस्या शुरू हो सकती है।

हाइपरथायरायडिज्म और ग्रेव्स डिजीज
अगर थायरॉइड ओवर एक्टिव हो जाए तो ऐसी स्थिति में भी लार कम बनने लगती है और मुंह सूखने लगता है। शरीर का मेटाबॉलिक रेट ज्यादा होने की वजह से शरीर में मौजूद तरल पदार्थ तेजी से खत्म होने लगते हैं और कारण बनता है लार के कम बनने का। इसके साथ ही हाइपरथायरायडिज्म में चिंता और तनाव भी सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को एक्टिव करने में सक्षम है, जो लार के उत्पादन को कम करने में सहायक है।

थायरॉइड कैंसर ट्रीटमेंट
American Thyroid Association की स्टडी के अनुसार थायरॉइड कैंसर के इलाज के दौरान रेडियोएक्टिव आयोडीन की मदद ली जाती है। इस ट्रीटमेंट की वजह से लार ग्रंथि को नुकसान पहुंचता है और मरीजों को ड्राई माउथ के साथ-साथ खाने में स्वाद ना मिल पाने जैसी परेशानियां शुरू जाती है।

इन चार अलग-अलग कारणों की वजह से थायरॉइड मरीजों में ड्राई माउथ की समस्या शुरू हो सकती है, लेकिन कुछ उपायों से इस परेशानी को कम किया जा सकता है।थायरॉइड मरीज ड्राई माउथ की समस्या से बचने के लिए कर सकते हैं ये उपाय

ड्राई माउथ की समस्या से बचने के लिए थोड़ी-थोड़ी देर में पीना चाहिए पानी

NIDCR के अनुसार कुछ बातों को ध्यान में रखकर थायरॉइड मरीज अपनी परेशानी कम करते हैं। जैसे-

अत्यधिक नमक वाले खाने और ड्राई मीट के सेवन से बचना चाहिए।
तंबाकू, शराब, कैफीन और कार्बोनेटेड बेवरेजेस से दूरी बनाना चाहिए।
पालक, हरी पत्तेदार सब्जियां, मछली और अन्य आयरन से भरपूर खाने-पीने की चीजों को शामिल करना चाहिए।
कम-कम समय में ही पानी का सेवन करना चाहिए।
नियमित रूप से ओरल केयर करना चाहिए।
मुंह में लार बनाने वाले शुगर-फ्री कैंडीज का सेवन किया जा सकता है।
सोने के वक्त बेडरूम में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
इन टिप्स को फॉलो कर ड्राई माउथ की समस्या से बचने में मदद मिल सकती है, लेकिन अगर परेशानी दूर नहीं हो रही है तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

थायरॉइड के कारण ड्राई माउथ का क्या है इलाज?

Thyroid checkup
थायरॉइड के कारण ड्राई माउथ की हो सकती है समस्या

Indian Journal of Endocrinology and Metabolism के अनुसार ड्राई माउथ के इलाज के दौरान-

थायरॉइड की दवा को रोजाना लेने की सलाह दी जाती है।
कुछ ऐसी दवाएं भी प्रिस्क्राइब की जाती हैं, जो लार बनाने में मदद कर सकें।
शुगर-फ्री कैंडीज भी प्रिस्क्राइब की जा सकती है। इनके सेवन से मुंह में पर्याप्त लार बन सकती हैं।
मुंह में आवश्यक लार बन सके इसलिए डॉक्टर इलेक्ट्रिकल स्टिमुलेशन या एक्यूपंक्चर की मदद भी ले सकते हैं। यह ट्रीटमेंट खासकर थायरॉइड कैंसर पेशेंट के लिए अपनाई जाती है।
समय-समय पर डेंटल चेकअप की भी सलाह दी जाती है।
यहां हमने आपके साथ थायरॉइड और इसके कारण मुंह सूखने के अलग-अलग कारणों को रिसर्च और थायरॉइड एक्सपर्ट द्वारा समझकर संछेप में और आसान शब्दों में सभी जानकारियां साझा की है। इसलिए अगर आपको थायरॉइड की समस्या है और ड्राई माउथ भी आपकी परेशानी बढ़ा रहा है, तो कुछ घरेलू बातें और डॉक्टर से सलाह अनुसार इलाज करवाया जाए तो आपकी यह समस्या दूर हो सकती है।

Share.
Exit mobile version