धमतरी, छत्तीसगढ़। धमतरी जिले के प्रसिद्ध आदिवासी वैद्य दशरथ नेताम अपनी परंपरागत जड़ी-बूटियों से हजारों लोगों का इलाज कर रहे हैं। उनके परिवार में चार पीढ़ियों से यह परंपरा चली आ रही है।दशरथ नेताम ने यह ज्ञान अपने पिता और दादा से सीखा है। वे बताते हैं कि सही जड़ी-बूटियों का सही इस्तेमाल करके गंभीर से गंभीर बीमारियों को भी जड़ से खत्म किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कई जगहों से इलाज करवा कर आए कोमा के एक मरीज को भी उन्होंने अपनी जड़ी-बूटियों से ठीक कर दिया था।
दशरथ नेताम का मानना है कि जड़ी-बूटियों में रोगों को जड़ से ठीक करने की अद्भुत शक्ति होती है। वे इस ज्ञान को अगली पीढ़ी तक पहुंचाकर अपनी परंपरा और संस्कृति को जीवंत रखने का प्रयास कर रहे हैं।दशरथ नेताम सिर्फ इलाज ही नहीं करते बल्कि अपनी इस पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को विलुप्त होने से बचाने के लिए कई लोगों को जड़ी-बूटियों की पहचान और उनके उपयोग के बारे में भी सिखा रहे हैं। इसके साथ ही, वे दुर्लभ जड़ी-बूटियों के संरक्षण और उन्हें उगाने पर भी जोर दे रहे हैं।
इस उद्देश्य के लिए उन्होंने शंभू शक्ति स्वास्थ्य सामाजिक संस्थान एवं आदिवासी परंपरागत प्रमाणित वेदराज संघ की स्थापना की है। इस संस्थान के माध्यम से वे छत्तीसगढ़ सरकार के सामने आदिवासी वैद्यों की आवाज उठा रहे हैं। अच्छी बात यह है कि छत्तीसगढ़ सरकार भी इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति और जड़ी-बूटियों के ज्ञान को संरक्षित करने पर ध्यान दे रही है।वेदराज दशरथ नेताम छत्तीसगढ़ के जिला धमतरी में सभी असाध्य रोगों का जड़ी बूटियां से इलाज करते हैं।
