Samay Bhaskar Desk | Delhi

प्रशासन का बड़ा एक्शन; 200 भैंसें जब्त, 27 पर FIR

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र अंतर्गत बुद्धेश्वर इलाके में अवैध भैंस डेयरियों को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान भारी तनाव और हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। रिहायशी कॉलोनियों में चल रही अवैध डेयरियों को हटाने गई नगर निगम की टीम और स्थानीय पुलिस बल पर डेयरी संचालकों और उनके समर्थकों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक घटना में बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी विनय पटेल गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनके सिर पर अस्पताल में कई टांके लगे हैं।

सरकारी टीम पर हुए इस हमले के बाद लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट और नगर निगम प्रशासन ने संयुक्त रूप से पूरे क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाया। भारी पुलिस बल, पीएसी (PAC) की टुकड़ियों और खुद लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल की मौजूदगी में इलाके से करीब 197 भैंसों को जब्त कर कांजी हाउस भेजा गया है।

जानिए क्या था पूरा मामला और कैसे भड़की हिंसा?

पारा क्षेत्र की आदर्श विहार और जनता विहार कॉलोनी के स्थानीय निवासियों ने नगर निगम और प्रशासन को लिखित शिकायतें दी थीं। शिकायतों में कहा गया था कि घनी रिहायशी आबादी के बीच अवैध रूप से दर्जनों भैंस डेयरियां संचालित की जा रही हैं। इसके चलते पूरे क्षेत्र की नालियां और सीवर लाइनें गोबर से पूरी तरह चोक हो चुकी थीं और क्षेत्रवासियों के लिए भारी दुर्गंध और गंदगी के बीच जीना दूभर हो गया था।

इन शिकायतों के निस्तारण हेतु नगर निगम की कैटल कैचर टीम स्थानीय पुलिस बल के साथ मौके पर अवैध डेयरियों को हटाने और मवेशियों को जब्त करने पहुंची थी। जब टीम ने मवेशियों को नगर निगम के वाहनों में लादना शुरू किया, तभी डेयरी संचालक अबरार, इमरान और उनके समर्थकों ने महिलाओं के साथ मिलकर सरकारी कर्मचारियों को चारों तरफ से घेर लिया।

देखते ही देखते उपद्रवियों ने लाठी-डंडों, लोहे की भारी जंजीरों से हमला कर दिया और छतों से पथराव शुरू कर दिया। हमले के दौरान बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी उप-निरीक्षक विनय पटेल को निशाना बनाया गया, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आई। सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की गई और स्थिति बेकाबू होते देख टीम को तत्काल अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।

तीन थानों की फोर्स और पीएसी के साथ ‘महा-एक्शन’

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर हुए इस हमले के बाद मंगलवार को पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। एसीपी काकोरी के नेतृत्व में पारा, काकोरी और दुबग्गा थानों की भारी पुलिस फोर्स तथा पीएसी (PAC) के जवानों ने इलाके की घेराबंदी की।

इस दौरान खुद लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त मौके पर डटे रहे। कार्रवाई से बचने के लिए कई डेयरी संचालकों ने मवेशियों को अपने पक्के मकानों के कमरों और बेडरूम के अंदर बंद कर दिया था। नगर निगम के कर्मचारियों ने पुलिस सुरक्षा के बीच कमरों से 197 भैंसों को बाहर निकाला और वाहनों में भरकर सीधे ठाकुरगंज स्थित कांजी हाउस भेज दिया।

27 आरोपियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा, 25-25 हजार का इनाम

कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले उपद्रवियों के खिलाफ लखनऊ पुलिस ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है:

  • गंभीर धाराओं में केस: नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी की तहरीर पर पारा थाने में 12 नामजद और 15 अज्ञात सहित कुल 27 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा डालने, दंगा फैलाने और लोकसेवकों पर हमले की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

  • गिरफ्तारियां: छतों से पथराव करने और माहौल बिगाड़ने के आरोप में दो महिलाओं (खुशबू और आफरीन) समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

  • इनाम और कुर्की की तैयारी: घटना के मुख्य साजिशकर्ता अबरार और इमरान के फरार होने पर पुलिस कमिश्नरेट ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया है। इसके साथ ही आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और संपत्तियों की कुर्की की विधिक प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

मेयर की दो टूक चेतावनी- “शहरी सीमा में अवैध डेयरियां बर्दाश्त नहीं”

कार्रवाई के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए मेयर सुषमा खर्कवाल ने स्पष्ट किया कि शहरी और घनी रिहायशी सीमाओं के भीतर बिना लाइसेंस डेयरी चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन किसी भी सूरत में रिहायशी कॉलोनियों को गंदगी का अड्डा नहीं बनने देगा। वर्दी और सरकारी कर्मियों पर हाथ उठाने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कानून पूरी सख्ती से पेश आएगा और पारा क्षेत्र को पूरी तरह से अवैध डेयरी मुक्त किया जाएगा।

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