समय भास्कर,फिरोजाबाद। अपर जिलाधिकारी विरा विशु राजा ने लू के बढ़ते प्रकोप एवं गर्म हवा से बचाव एवं राहत के लिए तैयारी व दिशा निर्देश दिए है। लू से जन.हानि भी हो सकती है। इसके असर को कम करने के लिए और लू से होने वाली मौत की रोकथाम के लिए निम्न सावधानियों बरतें।कड़ी धूप में बाहर न निकलें,खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक के बीच में। जितनी बार हो सके पानी पियें। प्यास न लगे तो भी पानी पियें। हल्के रंग के ढीले सूती कपडे पहनें। धूप से बचने के लिए गमछा,टोपी,छाता,धूप का चश्मा,जूते और चप्पल इस्तेमाल करें। सफर में अपने साथ पानी रखें।
शराब, चाय,कॉफी जैसे पेय पदार्थों का इस्तेमाल न करें। यह शरीर को निर्जलित कर सकते है। अगर आपका काम बाहर का है तो टोपी, गमछा या छाते का इस्तेमाल जरूर करें ओर गीले कपड़े को अपने चेहरे,सिर और गर्दन पर रखें। अगर आपकी तबियत ठीक न लगे या चक्कर आए तो तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें। घर में बना पेय पदार्थ जैसे कि लस्सी,नमक चीनी का घोल,नींबू पानी,छांछ,आम का पना इत्यादि का सेवन करें। जानवरों को छांव में रखें और उन्हे खूब पानी पीने को दें। अपने घर को ठंड़ा रखें,पर्दे, शटर आदि का इस्तेमाल करे। रात में खिड़कियां खुली रखें। फैन,ढ़ीले कपडे का उपयोग करें। ठंडे पानी से बार बार नहाएं।
धूप में खड़े वाहनों में बच्चों एवं पालतू जानवरों को न छोड़ें। खाना बनाते समय कमरे के दरवाजे के खिड़की एवं दरवाजे खुलें रखें जिससे हवा का आना जाना बना रहे। नशीले पदार्थ,शराब तथा अल्कोहल के सेवन से बचें। उच्च प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करने से बचें। बासी भोजन न करें। खिड़की को रिफ्लेक्टर जैसे एल्युमीनियम पन्नी,गत्ते इत्यादि से ढक कर रखें। ताकि बाहर की गर्मी को अन्दर आने से रोका जा सके। उन खिड़कियों व दरवाजों पर जिनसे दोपहर के समय गर्म हवाएँ आती है, काले पर्दे लगाकर रखना चाहिए।
स्थानीय मौसम के पूर्वनुमान को सुनें और आगामी तापमान में होने वाले परिवर्तन के प्रति सतर्क रहें। आपत् स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें। बच्चों व पालतू जानवरों को कभी भी बंद वाहन में अकेला न छोड़े। जहाँ तक संभव हो घर में ही रहें तथा सूर्य के सम्पर्क से बचें। सूर्य के ताप से बचने के लिए जहाँ तक संभव हो घर की निचली मंजिल पर रहें। संतुलित, हल्का व नियमित भोजन करें। घर से बाहर अपने शरीर व सिर को कपडे या टोपी से ढक कर रखें।एडीएम ने कहा कि श्रमिकों को तापघात से बचायें। श्रमिकों को सुरिक्षत वातावरण प्रदान कराना हमारी जिम्मेदारी है। कार्य के बीच में विश्राम दें, रेड अलर्ट के समय कार्य का समय बदलें। कार्यस्थल पर ठन्डे पानी की व्यवस्था करें। कार्यस्थल पर प्राथिमक उपचार की व्यवस्था करें। अधिक गर्म होने वाले उपकरणों को ठंडा करने की व्यवस्था करें। श्रमिकों के बच्चों के लिए ठंडे एवं आरामदायक कमरे की व्यवस्था करें। श्रमिकों को तापघात से बचाव के तरीके समझाइए एवं बार.बार पानी पीने के लिये प्रेरित करें।
