Samay Bhaskar Cinema Desk | Mumbai

‘KGF 2’ के चार साल बाद पैन-इंडिया सुपरस्टार रॉकिंग स्टार यश (Yash) की बहुप्रतीक्षित एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। करीब 500 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बंपर ओपनिंग तो दर्ज की, लेकिन रिलीज के तुरंत बाद यह सोशल मीडिया पर एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गई है।

फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से मिल रहे तीखे व नकारात्मक रिव्यूज के बीच अचानक ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म BookMyShow से फिल्म की यूजर रेटिंग (Rating Score) गायब हो गई। इसके बाद इंटरनेट पर सिनेमा प्रेमियों और नेटिजन्स का गुस्सा फूट पड़ा है और लोग मेकर्स व पीआर टीम पर खराब रिस्पॉन्स छिपाने के गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

1. BookMyShow पर क्या हुआ? रेटिंग से सिर्फ ‘लाइक्स’ तक का सफर

फिल्म की रिलीज के शुरुआती घंटों में जब दर्शकों ने अपने रिव्यूज देने शुरू किए, तो बुकमायशो पर फिल्म का स्कोर तेजी से गिरते हुए 5.5/10 से 5.6/10 के बीच आ गया, जो कि हाल के समय में किसी बड़े सुपरस्टार की फिल्म के लिए काफी कम माना जाता है।

इसके कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने नोटिस किया कि प्लेटफॉर्म पर विजिबल यूजर रेटिंग दिखना पूरी तरह बंद हो गई और वहाँ केवल ‘लाइक्स’ (Likes) की संख्या दिखाई देने लगी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) और रेडिट पर यूजर्स ने ‘Before and After’ के स्क्रीनशॉट साझा करने शुरू कर दिए। लोगों ने सवाल उठाया कि जहाँ अन्य सभी रिलीज फिल्मों की रेटिंग सामान्य रूप से दिख रही है, वहीं सिर्फ ‘टॉक्सिक’ की रेटिंग को ही क्यों डिसेबल या हाइड किया गया?

2. ‘PR कवर-अप’ के आरोप: सोशल मीडिया पर क्यों भड़की जनता?

रेटिंग गायब होने की इस घटना को नेटिजन्स ने एक सोची-समझी पीआर रणनीति (PR Strategy) करार दिया है। नाराज दर्शकों का आरोप है कि फिल्म के खराब ‘वर्ड ऑफ माउथ’ और कमजोर रेटिंग का असर एडवांस बुकिंग व आने वाले वीकेंड के टिकट कलेक्शन पर न पड़े, इसलिए जानबूझकर रेटिंग को छिपाया गया है।

सोशल मीडिया पर यूजर्स फिल्म के टाइटल का मजाक उड़ाते हुए इसे “Toxicity at its peak” बता रहे हैं। कुछ यूजर्स ने लिखा कि अगर कोई फिल्म कमजोर बनी है, तो मेकर्स को दर्शकों की निष्पक्ष राय स्वीकार करनी चाहिए, न कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पर्दा डालने की कोशिश करनी चाहिए।

हालांकि, इस पूरे विवाद पर अब तक न तो बुकमायशो की ओर से कोई तकनीकी स्पष्टीकरण आया है और न ही फिल्म के निर्माताओं या यश की टीम ने कोई आधिकारिक बयान जारी किया है, जिससे यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।

3. दर्शकों और समीक्षकों को क्यों पसंद नहीं आई ‘Toxic’?

गीतू मोहनदास (Geetu Mohandas) के निर्देशन में बनी इस 3 घंटे 14 मिनट की पीरियड गैंगस्टर ड्रामा फिल्म को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं काफी बंटी हुई हैं:

  • कमजोर स्क्रीनप्ले और राइटिंग: कई दर्शकों का कहना है कि फिल्म विजुअली और तकनीकी रूप से जितनी भव्य है, इसकी कहानी उतनी ही बिखरी हुई और थकाऊ है।

  • अत्यधिक हिंसा और शोर: फिल्म में जरूरत से ज्यादा मारकाट, खून-खराबा और कमजोर संवादों को लेकर आलोचना हो रही है।

  • KGF जैसी उम्मीदें: दर्शक यश को ‘रॉकी भाई’ के उस लार्जर-दैन-लाइफ स्वैग में देखने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन ‘टॉक्सिक’ का जटिल नैरेशन और डार्क टोन आम दर्शकों को कनेक्ट करने में संघर्ष करता दिखा।

वहीं, फिल्म के कुछ सकारात्मक पहलुओं की बात करें तो यश की स्क्रीन प्रेजेंस, एक्शन सीन्स और सिनेमैटोग्राफी की कुछ वर्गों द्वारा तारीफ भी की जा रही है।

4. रिकॉर्ड ओपनिंग के बावजूद आगे का रास्ता चुनौतीपूर्ण

फिल्म में यश के अलावा नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसे बड़े सितारे अहम किरदारों में मौजूद हैं।

बॉक्स ऑफिस की बात करें तो अपने भारी बज और एडवांस बुकिंग के दम पर फिल्म ने पहले दिन भारत और विदेश मिलाकर 100 करोड़ रुपये से अधिक का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन दर्ज कर लिया है। लेकिन असली परीक्षा पहले सोमवार और आने वाले दिनों में होगी, जहाँ मजबूत ‘कंटेंट’ और पॉजिटिव ‘वर्ड ऑफ माउथ’ के बिना बड़े बजट की फिल्मों का टिकना मुश्किल हो जाता है।

Share.
Exit mobile version