पंकज दूबे/मीरा-भाईंदर-

कुछ न्यूज़ चैनल और सोशल मीडिया पर एक खबर फैल रही थी कि विधायक गीता जैन आने वाले विधानसभा चुनाव से अपना नामांकन वापस ले सकती है, इस पर उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहां है कि यह विरोधियों की एक चाल है, गीता जैन से वह भयभीत हो गए हैं, और सभी विरोधियों का डर चरम सीमा पर है |

उन्होंने कहा कि सर्वे के अनुसार टिकट की कतार में वह पहले नंबर पर थी, लेकिन किसी कारण वश उनको टिकट नहीं मिला, पर अभी भी वह भाजपा और महायुती के परिवार का हिस्सा है, उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई कमल से नहीं बल्कि उनकी लड़ाई कीचड़ से है |

उन्होंने कहा कि वह भले ही चुनाव अपक्ष लड़ रही हैं, पर उनकी यह लड़ाई मीरा-भाईंदर शहर के विकास के लिये है, उन्होंने अपने विरोधियों को रावण कहकर संबोधित किया और कहा कि नियति ने एक बार फिर मुझे मौका दिया है इतिहास रचने का |

चुनाव का परिणाम कुछ भी हो पर शहर में चुनावी सरगर्मी अपने चरम सीमा पर है | दो दर्जन से अधिक उम्मीदवार अपना नामांकन कर चुके है, और नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 4 नवम्बर है, 4 नवंबर के बाद ही मालूम पड़ेगा कितने उम्मीदवार अंतिम तक बैटिंग कर पाएंगे |

हर उम्मीदवार का अपना वोट बैंक है, जो 1 से लेकर 1 लाख तक हो सकता है, अगर सभी मैदान में डटे रहेंगे तो कहीं ना कहीं वोटो का बटवारा हो जाएगा जो हार – जीत के मार्जीन को कम देगा | जीत के लिए सभी उम्मीदवारों को एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ेगा |

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