नई दिल्ली -शिक्षा प्रकाशन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए चेतना एजुकेशन लिमिटेड ने फेडरेशन ऑफ एजुकेशनल पब्लिशर्स इन इंडिया (एफ.ई.पी.आई.) वार्षिक पुरस्कार 2025 में तीन प्रतिष्ठित सम्मान अपने नाम किए। यह समारोह नई दिल्ली के ले मेरिडियन होटल में आयोजित हुआ, जिसमें देशभर के प्रमुख शिक्षाविद, प्रकाशक और नीति-निर्माता शामिल हुए।

चेतना को “डिस्टिंग्विश्ड पब्लिशिंग हाउस अवार्ड 2025” प्रदान किया गया। यह सम्मान संस्था की 47 से अधिक वर्षों की उत्कृष्टता, नवाचार और समावेशी शिक्षण पद्धति के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 18 राज्यों में 20 लाख से अधिक विद्यार्थियों तक पहुँच बनाने वाली चेतना अपनी पुस्तकों, कार्यपुस्तिकाओं और डिजिटल समाधानों से आधुनिक शिक्षा प्रणाली में अहम योगदान दे रही है।

इसके साथ ही, चेतना की चर्चित “फायरफ्लाई क्यू.आर. सीरीज़” को “बेस्ट बुक अवार्ड” से सम्मानित किया गया। यह श्रृंखला अपने फिजिटल मॉडल — यानी पारंपरिक शिक्षण को क्यू.आर. कोड आधारित डिजिटल इंटरैक्टिविटी से जोड़ने — के लिए सराही गई।

तीसरा सम्मान “बेस्ट ऑथर अवार्ड” प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. स्वरूप रावल को मिला, उनकी अग्रणी पुस्तक ‘आर्ट एक्रॉस द करीकुलम – क्रिएटिव कनेक्ट’ के लिए। चेतना द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक कला को शैक्षिक पाठ्यक्रम में सहज रूप से समाहित करने का अभिनव दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।

डॉ. रावल शिक्षा नीति-निर्माण में एक सशक्त आवाज़ हैं। वे सेंट्रल एडवाइजरी बोर्ड ऑफ एजुकेशन की सदस्य हैं, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के आर्ट-इंटीग्रेटेड विभाग की अध्यक्षता कर चुकी हैं और राष्ट्रीय मेंटरिंग मिशन में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनकी यह उपलब्धि भारतीय शिक्षा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

कार्यक्रम में माननीय श्री हरीश मल्होत्रा (राज्य मंत्री, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार) मुख्य अतिथि रहे। वहीं, श्री आशीष सूद (कैबिनेट मंत्री, दिल्ली सरकार – शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और शहरी विकास) ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।

एफ.ई.पी.आई. अवॉर्ड्स 2025 ने शिक्षा में परिवर्तनकारी योगदानों को सम्मानित किया। चेतना एजुकेशन लिमिटेड की यह हैट्रिक जीत न केवल प्रकाशन उद्योग में उसकी नेतृत्वकारी भूमिका को मजबूत करती है, बल्कि एकीकृत, समावेशी और भविष्य-उन्मुख शिक्षण मॉडल को बढ़ावा देने के उसके प्रयासों को भी और सशक्त बनाती है।

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