फिरोजाबाद। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भरोसा दिलाया है कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत में हर चुनाव लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप होता है, और बिहार चुनाव में भी किसी तरह की गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं है। शनिवार को फिरोजाबाद क्लब में आयोजित माथुर वैश्य महासभा के स्नेह मिलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे चुनाव आयुक्त ने पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी।
मतदाता सूची का होगा गहन परीक्षण
ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार राज्य की मतदाता सूची का अंतिम परीक्षण वर्ष 2003 में एक जनवरी को हुआ था। उसके बाद से अब तक इसमें कोई व्यापक समीक्षा नहीं की गई थी।
उन्होंने कहा कि अब इस सूची का ताजा परीक्षण जुलाई से अगस्त माह के बीच कराया जा रहा है, ताकि चुनाव से पहले सूची को पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित बनाया जा सके।
एक लाख से अधिक बूथ स्तर अधिकारी होंगे तैनात
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस प्रक्रिया के लिए एक लाख से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इसके अतिरिक्त राजनीतिक दलों से भी सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिससे मतदाता सूची को और अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाया जा सके।
पारदर्शिता ही प्राथमिकता मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा
“भारत में प्रत्येक चुनाव पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से आयोजित किया जाता है। बिहार विधानसभा चुनाव में भी यही मानक अपनाए जाएंगे। मतदाता सूची का परीक्षण इस प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल पात्र नागरिक ही मतदान करें।” उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग हर स्तर पर तैयारियों को लेकर सतर्क है और किसी भी तरह की गड़बड़ी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निष्कर्ष
मुख्य चुनाव आयुक्त की यह घोषणा न सिर्फ बिहार में होने वाले विधानसभा चुनावों के प्रति मतदाताओं में भरोसा जगाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि चुनाव आयोग पारदर्शिता और निष्पक्षता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
