समय भास्कर, फ़िरोज़ाबाद। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने अधिवक्ता के खिलाफ़ झूठी शिकायत करने वाली महिला वैष्णवी तिवारी पर ₹5000 का जुर्माना लगाया है।बार काउंसिल ने शिकायत को आधारहीन और फर्जी पाया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। जुर्माना जमा न करने पर महिला के खिलाफ़ FIR दर्ज की जाएगी। बताया जा रहा है कि यह महिला लोगों पर झूठी शिकायतें और मुकदमे दर्ज कराने की आदी है।
अधिवक्ता पर लगाए थे फर्जी आरोप
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा 10 अगस्त 2025 को जारी किए गए निर्णय के अनुसार, थाना लाइनपार क्षेत्र की लेबर कॉलोनी में रहने वाली वैष्णवी तिवारी पुत्री महावीर सिंह तिवारी ने एक अधिवक्ता के खिलाफ़ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अधिवक्ता फ़िरोज़ाबाद में वकालत करते हैं, संवाददाता हैं और उनकी अपनी प्रेस है। महिला ने अधिवक्ता पर प्रताड़ना समेत कई अन्य आरोप भी लगाए थे।
अधिवक्ता ने पेश किए सबूत
अधिवक्ता ने अपने जवाब में कहा कि उनका दैनिक भास्कर समाचार पत्र से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने बताया कि वैष्णवी तिवारी अपने परिवार और अन्य बाहरी लोगों के साथ मिलकर फ़िरोज़ाबाद में एक गिरोह चलाती हैं, जिसकी सरगना वही है।यह गिरोह लोगों से अवैध उगाही करता है। अधिवक्ता ने यह भी बताया कि महिला की माँ मीना तिवारी ने वैष्णवी को पीड़िता बताकर एक मुकदमा दायर किया था, जिसे न्यायालय ने झूठा पाया था।इसके अलावा, वैष्णवी ने अपने जीजा की शिकायत भी मोटी रकम लेकर वापस ली थी। अधिवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि महिला ने फ़िरोज़ाबाद निवासी करण राठौर से भी अवैध माँग पूरी करने के लिए पैसे माँगे थे। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि वैष्णवी ‘सोनम शर्मा’ नाम से एक फर्जी महिला आईडी चलाती है और लोगों को अपने जाल में फँसाकर पैसे वसूलती है।
सुनवाई में पेश नहीं हुई महिला
बार काउंसिल ने मामले की पूरी पत्रावली का अवलोकन किया। पाया गया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी वैष्णवी तिवारी सुनवाई की एक भी तारीख पर इलाहाबाद में उपस्थित नहीं हुई। जबकि, अधिवक्ता ने अपना जवाब और सारे सबूत पेश किए। इन सबूतों से यह साफ हो गया कि शिकायत सिर्फ़ अधिवक्ता पर दबाव बनाने के लिए की गई थी और लगाए गए सभी आरोप झूठे थे।
क्षेत्रीय लोगों का भी यही कहना
इस फ़ैसले के बाद लेबर कॉलोनी के लोगों ने बताया कि वैष्णवी तिवारी कई लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज करा चुकी है, जिनमें छेड़खानी और रेप के फर्जी मामले भी शामिल हैं।क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि उसने अपने मोहल्ले के ही एक परिवार पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया था।और एक क्रेन चालक पर छेड़खानी का आरोप लगाया था। इसके अलावा, नई बस्ती के एक युवक से भी फोन पर पैसे माँगने के आरोप उस पर लगे थे। बार काउंसिल ने वैष्णवी तिवारी को आदेश दिया है कि वह ₹5000 की राशि बार काउंसिल के कार्यालय में जमा करें। अगर वह ऐसा नहीं करती है, तो उसके खिलाफ़ संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की जाएगी।
