वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वाराणसी में मॉरीशस के अपने समकक्ष, प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। यह बैठक होटल ताज में हुई, जहाँ दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया। इस मुलाकात से पहले, दोनों प्रधानमंत्रियों ने इसी साल मार्च में भी मुलाकात की थी।
द्विपक्षीय वार्ता का एजेंडा
यह बैठक दोपहर 12 बजे शुरू हुई और इसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग के महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा हुई। आधिकारिक बयान के अनुसार, चर्चा का मुख्य ध्यान विकास साझेदारी और क्षमता निर्माण पर था। इसके अलावा, दोनों नेताओं ने साझा इतिहास, संस्कृति और मजबूत संबंधों पर आधारित रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता पर भी विचार-विमर्श किया।
पीएम मोदी का वाराणसी आगमन और भव्य स्वागत
प्रधान मंत्री मोदी सुबह 10:43 बजे वायुसेना के विशेष विमान से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुँचे, जहाँ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उप-मुख्यमंत्रियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद, वे हेलीकॉप्टर से शहर के लिए रवाना हुए और पुलिस लाइन पहुँचे।
पुलिस लाइन से, पीएम मोदी सड़क मार्ग से होटल ताज के लिए निकले। उनके काफिले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बहुत सख्त थी। सड़कों पर लोगों की भारी भीड़ जमा थी, जिन्होंने “हर हर महादेव” का जयघोष करते हुए उनका स्वागत किया। कचहरी गोलघर चौराहे पर पीएम मोदी का काफिला धीरे चला, जहाँ एसपीजी के जवान पैदल चल रहे थे और लोग उन पर फूल बरसा रहे थे। प्रधानमंत्री ने भी हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
भारत-मॉरीशस संबंध: साझा इतिहास और आर्थिक साझेदारी
मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम ने गुरुवार को भारत-मॉरीशस बिजनेस कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध साझा इतिहास पर आधारित हैं। उन्होंने भारतीय कारोबारियों को मॉरीशस में निवेश के लिए आमंत्रित किया, खासकर ब्लू इकोनॉमी (मत्स्य पालन, समुद्री बुनियादी ढाँचा), डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, फिनटेक, एआई, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, मेडिकल टूरिज्म, नवीकरणीय ऊर्जा, रियल एस्टेट, और स्मार्ट शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में।
डॉ. रामगुलाम ने मॉरीशस को एशिया और अफ्रीका के बीच एक “पुल” बताया, जो भारतीय व्यवसायों के लिए अफ्रीका में एक सुरक्षित और प्रतिस्पर्धी प्रवेश द्वार बन सकता है। उन्होंने बताया कि मॉरीशस को अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र, एसएडीसी और सीओएमईसीए जैसे क्षेत्रीय बाजारों तक विशेष पहुँच प्राप्त है। उन्होंने अपने संबोधन का समापन यह कहते हुए किया, “द्वार खुला है, मंच सुरक्षित है, और अब समय है इसका उपयोग करने का।”
इस अवसर पर, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहरलाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच “दिल का रिश्ता” है, क्योंकि मॉरीशस की 70% आबादी भारतीय मूल की है। उन्होंने भारत की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्वच्छ ऊर्जा व एआई में एक प्रमुख देश बन चुका है।
पीएम मोदी का वाराणसी में भव्य स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए काशी पूरी तरह तैयार थी। पुलिस लाइन से लेकर ताज होटल तक का पूरा रास्ता गुलाब की पंखुड़ियों से सजा हुआ था, और जगह-जगह “हर हर महादेव” के नारे गूंज रहे थे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पदाधिकारियों ने एक दिन पहले ही स्वागत की रूपरेखा तैयार कर ली थी।
गुलाब बाग स्थित भाजपा कार्यालय में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में, जन प्रतिनिधियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने स्वागत की अंतिम योजना को मंजूरी दी। बैठक में छह प्रमुख स्वागत प्वाइंट तय किए गए, जहाँ हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और आम जनता मौजूद रहे। इन स्वागत प्वाइंट्स की जिम्मेदारियाँ भी जन प्रतिनिधियों को सौंपी गई थीं।
बैठक में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल और डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु, महापौर अशोक तिवारी, और कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
